शरीर के साथ सवांद (हिंदी)

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शरीर के साथ सवांद (हिंदी)

शरीर के साथ संवाद एक अपूर्व ध्यान-पध्दति
लेखक:- श्री. प्रमोदभाई शिंदे
भाषा:- हिंदी
पन्ने:- २४
देनमूल्य:- 20/- कुरियर चार्जेस जादा.

‘कुंडलिनी योग’ नामक एक अत्यंत प्रभावी ध्यान पध्दती शक्ति ग्रहण करने के लिये प्रतिपादीत कि गयी है। इस पध्दति का उद्गम हजारो वर्ष पूर्व पाया जाता है। शरीर के साथ संवाद स्थापित करते हुए कुंडलिनी शक्ति का ज्ञान प्राप्त करने की एक अपूर्व ध्यान-पध्दति पू. स्वामी विज्ञानानंदजीने सुझाई है। इस सीडी/कॅसेट के माध्यम से आप उसका अनुभव करेंगे।

वेद तथा उपनिषदों से ले कर कई श्रेष्ठ पूर्वजों ने तथा संतजनोंने ‘ओम’ के महत्त्व को प्रतिपादित किया है। ओम का उल्लेख सर्वप्रथम वेदोंमें पाया जाता है। यह माना जाता है कि ओम् से ही विश्व की उत्पत्ति हुई है। ज्ञानीजनों ने ओम को प्रत्यक्ष ब्रह्मरूप का स्थान प्रदान किया है। पू. स्वामी विज्ञानानंदजीने दर्शाया है कि ओम प्रतीक में वेव्ह तथा पार्टिकल थिअरी का विलक्षण समन्वय है। ओम के उच्चारण तथा श्रवण से जीवन संतुलित बन सकता है।

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